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दुखद: एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही सविता की मौत, इसी साल दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर लहराया था तिरंगा

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पर्वतारोही सविता कंसवाली
– फोटो: अमर उजाला

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उत्तरकाशी के लोंथरू गांव की रहने वाली पर्वतारोही सविता कंसवाल की निम हादसे में मौत हो गई है. सविता ने इस साल मई में 15 दिनों के भीतर माउंट एवरेस्ट और माउंट मकालू पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करके राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। मंगलवार की सुबह द्रौपदी के डंडा पीक में निम के उन्नत पर्वतारोहण पाठ्यक्रम में शामिल प्रशिक्षकों में से एक पर्वतारोही सविता की हिमस्खलन में दबने से मौत हो गई।

देर शाम निम के प्राचार्य अमित बिष्ट ने हादसे में एवरेस्ट विजेता सविता कंसवाल की मौत की पुष्टि की। सविता उत्तरकाशी जिले की एक उभरती हुई पर्वतारोही थी। जिन्होंने बहुत ही कम समय में पर्वतारोहण के क्षेत्र में अपना नाम बना लिया था। सविता ने नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग से एडवांस एंड सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स के साथ माउंटेनियरिंग इंस्ट्रक्टर का कोर्स किया।

सविता नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की कुशल प्रशिक्षक थीं। सविता ने इसी साल 12 मई को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) पर तिरंगा फहराया था. 15 दिन बाद सविता ने मकालू पर्वत (8463 मीटर) पर भी सफलतापूर्वक चढ़ाई की। उनकी सफलता से उनके क्षेत्र सहित पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं मंगलवार की देर शाम सविता की मौत की खबर आने के बाद उनके गांव समेत पूरे जिले में शोक की लहर है.

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उत्तरकाशी के लोंथरू गांव की रहने वाली पर्वतारोही सविता कंसवाल की निम हादसे में मौत हो गई है. सविता ने इस साल मई में 15 दिनों के भीतर माउंट एवरेस्ट और माउंट मकालू पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करके राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। मंगलवार की सुबह द्रौपदी के डंडा पीक में निम के उन्नत पर्वतारोहण पाठ्यक्रम में शामिल प्रशिक्षकों में से एक पर्वतारोही सविता की हिमस्खलन में दबने से मौत हो गई।

देर शाम निम के प्राचार्य अमित बिष्ट ने हादसे में एवरेस्ट विजेता सविता कंसवाल की मौत की पुष्टि की। सविता उत्तरकाशी जिले की एक उभरती हुई पर्वतारोही थी। जिन्होंने बहुत ही कम समय में पर्वतारोहण के क्षेत्र में अपना नाम बना लिया था। सविता ने नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग से एडवांस एंड सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स के साथ माउंटेनियरिंग इंस्ट्रक्टर का कोर्स किया।

सविता नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की कुशल प्रशिक्षक थीं। सविता ने इसी साल 12 मई को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) पर तिरंगा फहराया था. 15 दिनों के बाद, सविता ने मकालू पर्वत (8463 मीटर) पर भी सफलतापूर्वक चढ़ाई की। उनकी सफलता से उनके क्षेत्र सहित पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं मंगलवार की देर शाम सविता की मौत की खबर आने के बाद उनके गांव समेत पूरे जिले में शोक की लहर है.

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