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प्रयागराज : बच्चों को पत्नी संग स्कूल भेजकर एजी कर्मचारी का बेटा फांसी पर लटका

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फांसी पर लटका दिया

फांसी पर लटका दिया
– फोटो : अमर उजाला

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राजापुर के उंचवागढ़ी में रहने वाले एजी विभाग के कर्मचारी के पुत्र योगेंद्र प्रसाद (42) ने बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सुबह उठकर उसने पत्नी के साथ बच्चों को स्कूल भेजा और फांसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक परिजन खुदकुशी की वजह नहीं बता पाए हैं।

उंचवागढ़ी में रहने वाले रामजतन एजी कार्यालय से सेवानिवृत्त हैं। उनके बेटे योगेंद्र की शादी मत्स्य विभाग में पदस्थ सुषमा से हुई थी। योगेंद्र घर पर ही रहता था। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने बताया कि रोज की तरह बुधवार सुबह योगेंद्र की नींद खुल गई. इसके बाद उसने अपनी पत्नी से कहा कि वह दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ दे। इस पर पत्नी बच्चों को लेकर स्कूल चली गई। वापस आने पर देखा कि वह फंदे पर लटका हुआ है।

पत्नी के शोर मचाने पर परिवार के अन्य लोग जमा हो गए और सूचना मिलने पर पड़ोसी भी आ गए। सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कैंट इंस्पेक्टर रुकुमपाल सिंह ने बताया कि परिजन भी यह नहीं बता सके कि उसने यह कदम क्यों उठाया। वहीं, आशंका यह भी जताई जा रही है कि नौकरी नहीं मिलने से योगेंद्र तनाव में रहते थे।

विकास भवन के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
विकास भवन में तैनात 46 वर्षीय सुशील कुमार की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह रोजाना की तरह ड्यूटी पर पहुंचे थे। दोपहर में किसी काम से बाहर जा रहा था और तभी अचानक गेट के पास बेहोश होकर गिर पड़ा। साथी कर्मचारियों ने उसे एसआरएन अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। सूचना पर कर्नलगंज पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर राममोहन राय का कहना है कि मौत कैसे हुई इस बारे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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राजापुर के उंचवागढ़ी में रहने वाले एजी विभाग के कर्मचारी के पुत्र योगेंद्र प्रसाद (42) ने बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सुबह उठकर उसने पत्नी के साथ बच्चों को स्कूल भेजा और फांसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक परिजन खुदकुशी की वजह नहीं बता पाए हैं।

उंचवागढ़ी में रहने वाले रामजतन एजी कार्यालय से सेवानिवृत्त हैं। उनके बेटे योगेंद्र की शादी मत्स्य विभाग में पदस्थ सुषमा से हुई थी। योगेंद्र घर पर ही रहता था। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने बताया कि रोज की तरह बुधवार सुबह योगेंद्र की नींद खुल गई. इसके बाद उसने अपनी पत्नी से कहा कि वह दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ दे। इस पर पत्नी बच्चों को लेकर स्कूल चली गई। वापस आने पर देखा कि वह फंदे पर लटका हुआ है।

पत्नी के शोर मचाने पर परिवार के अन्य लोग जमा हो गए और सूचना मिलने पर पड़ोसी भी आ गए। सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कैंट इंस्पेक्टर रुकुमपाल सिंह ने बताया कि परिजन भी यह नहीं बता सके कि उसने यह कदम क्यों उठाया। वहीं, आशंका यह भी जताई जा रही है कि नौकरी नहीं मिलने से योगेंद्र तनाव में रहते थे।

विकास भवन के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

विकास भवन में तैनात 46 वर्षीय सुशील कुमार की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह रोजाना की तरह ड्यूटी पर पहुंचे थे। दोपहर में किसी काम से बाहर जा रहा था और तभी अचानक गेट के पास बेहोश होकर गिर पड़ा। साथी कर्मचारियों ने उसे एसआरएन अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। सूचना पर कर्नलगंज पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर राममोहन राय का कहना है कि मौत कैसे हुई इस बारे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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